कहुआरा गांव में लगे शिविर में बड़ा खुलासा
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| कहुआरा गांव के ग्रामीण जनता |
पिता के नाम से जमीन होने पर पुत्र को नहीं मिलेगा किसान सम्मान निधि जमाबंदी अपने नाम न होने तक वार्षिक ₹6000 से रहेगा वंचित
नवादा (बिहार)। नवादा जिले के नारदीगंज प्रखंड अंतर्गत कहुआरा गांव में 9 जनवरी 2026 को किसान सम्मान निधि योजना से संबंधित एक विशेष जागरूकता सह सहायता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर कहुआरा पंचायत के तत्वावधान में आयोजित किया गया था।
शिविर के दौरान पंचायत कर्मियों द्वारा किसानों को किसान सम्मान निधि योजना से जुड़ी जानकारी दी गई। इसी दौरान एक अहम तथ्य सामने आया, जिससे बड़ी संख्या में किसान पुत्रों को योजना के लाभ से वंचित होने का कारण स्पष्ट हुआ।
शिविर में क्या जानकारी दी गई?
कहुआरा पंचायत के कर्मचारी ने शिविर में मौजूद किसानों को बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ उसी व्यक्ति को मिलता है, जिसके नाम पर कृषि भूमि की वैध जमाबंदी दर्ज होती है।
यदि जमीन पिता के नाम पर है और खेती पुत्र कर रहा है, तो पुत्र को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसके लिए पहले उसे अपने नाम से जमाबंदी कायम करानी होगी।
कहुआरा गांव के किसानों में दिखी चिंता
शिविर के दौरान बड़ी संख्या में किसान पुत्रों ने अपनी समस्या रखी। कई किसानों ने बताया कि वे वर्षों से खेती कर रहे हैं, लेकिन जमीन अब भी उनके पिता के नाम पर दर्ज है।
ऐसे किसानों को न तो किसान सम्मान निधि मिल रही है और न ही वे ऑनलाइन आवेदन करा पा रहे हैं। पोर्टल पर नाम मिलान न होने के कारण आवेदन स्वतः रद्द हो जा रहा है।
पंचायत कर्मचारी का बयान
कहुआरा पंचायत के कर्मचारी ने शिविर में स्पष्ट शब्दों में कहा:
“किसान सम्मान निधि योजना में उसी किसान का नाम मान्य होता है, जिसके नाम पर जमीन का सरकारी रिकॉर्ड यानी जमाबंदी होती है। पिता के नाम से जमीन रहने पर पुत्र को ₹6000 वार्षिक सहायता नहीं मिलेगी, जब तक वह अपने नाम से जमाबंदी नहीं करवा लेता।”
जमाबंदी क्यों बन गई सबसे बड़ी बाधा?
ग्रामीण इलाकों में अब भी जमीन का नामांतरण समय पर नहीं कराया जाता। पिता की मृत्यु के बाद भी वर्षों तक जमाबंदी अपडेट नहीं होती।
ऐसी स्थिति में किसान सम्मान निधि की किस्त रुक जाती है या नया लाभार्थी योजना में नहीं जुड़ पाता।
किसान सम्मान निधि योजना की जानकारी
- हर पात्र किसान को ₹6000 प्रतिवर्ष
- तीन किस्तों में ₹2000-₹2000-₹2000
- सीधे बैंक खाते में DBT के माध्यम से भुगतान
- पूरी राशि केंद्र सरकार द्वारा वहन
अपने नाम से जमाबंदी कैसे कराएं?
शिविर में पंचायत कर्मियों ने किसानों को यह भी बताया कि जमाबंदी अपने नाम कराने के लिए अंचल कार्यालय में नामांतरण के लिए आवेदन करना होगा।
- पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- वंशावली प्रमाण पत्र
- पुरानी जमाबंदी की प्रति
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
नारदीगंज प्रखंड में बढ़ रही समस्या
नारदीगंज प्रखंड के कहुआरा, दोसुत, परमा, नरसिंहपुर सहित कई गांवों में किसान पुत्र इस समस्या से जूझ रहे हैं।
खेती करने के बावजूद सरकारी योजनाओं से वंचित रहना ग्रामीण युवाओं के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है।
निष्कर्ष
कहुआरा गांव में 9 जनवरी 2026 को लगे शिविर में यह स्पष्ट हो गया कि किसान सम्मान निधि योजना का लाभ पाने के लिए जमीन का मालिकाना हक सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होना अनिवार्य है।
पिता के नाम से जमीन होने पर पुत्र को तब तक वार्षिक ₹6000 की सहायता नहीं मिलेगी, जब तक वह अपने नाम से जमाबंदी कायम नहीं करवा लेता।
शिविर के माध्यम से किसानों को जागरूक करने का प्रयास सराहनीय है, लेकिन जमीन से जुड़े रिकॉर्ड को सरल बनाना आज भी समय की बड़ी जरूरत है।

